जम्मू-कश्मीर के डोडा में बादल फटने से लोग हुए बेघर

NATIONAL NEWS

7/12/20261 मिनट पढ़ें

A group of people standing in the middle of a dirt field
A group of people standing in the middle of a dirt field

श्रीनगर/डोडा:

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले से एक बार फिर कुदरत के रौद्र रूप की खौफनाक तस्वीर सामने आई है. पहाड़ी इलाकों में अचानक हुई मूसलाधार बारिश और बादल फटने (Cloudburst) की घटना के बाद आए मलबे और फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) ने भारी तबाही मचाई है. डोडा के थथरी और गंदोह समेत कई रिहायशी इलाकों में पानी और बड़े-बड़े पत्थरों का मलबा घुस गया है, जिससे कई आशियाने पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं.

### रात के अंधेरे में आई आफत, मलबे में दबे मकान और वाहन

स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह हादसा इतनी अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला. पहाड़ों से तेज बहाव के साथ बहकर आई मिट्टी, मलबे और चट्टानों ने डोडा के रिहायशी इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया.

घरों और दुकानों को भारी नुकसान: दर्जनों मकान और दुकानें मलबे की चपेट में आने से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं. कई लोगों का घरेलू सामान और जीवनभर की कमाई पानी में बह गई.

गाड़ियां हुईं मलबे में दफन: सड़कों और घरों के बाहर खड़ी कई गाड़ियां और कमर्शियल वाहन मलबे के नीचे दब गए हैं, तो कई गाड़ियां पानी के तेज बहाव में बह गईं.

हाईवे और संपर्क मार्ग बंद: इस तबाही के कारण डोडा-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-244) पर मलबे के ढेर जमा हो गए हैं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है और कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है.

### राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंच गईं. मलबे को हटाने के लिए भारी मशीनों और एक्सकेवेटर का इस्तेमाल किया जा रहा है. प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है और प्रशासन द्वारा उन्हें टेंट, कंबल और राशन जैसी जरूरी चीजें मुहैया कराई जा रही हैं.

राहत की बात यह है कि समय रहते लोग सुरक्षित स्थानों पर निकल गए, जिससे किसी बड़े जानी नुकसान (Casualty) की खबर नहीं है, लेकिन संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है.